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Friday, September 2, 2022

शिक्षक दिवस पर भाषण

आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय,सभी शिक्षकगण और मेरे प्यारे दोस्तो, सबसे पहले आप सभी को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं | मेरा नाम हैं (----------) और मैं यहाँ शिक्षक दिवस पर दो शब्द बोलने के लिए खडा/खडी हूँ |

दोस्तो, जैसा की हम सभी जानते है की आज 5 सितम्बर हैं और इस दिन हम हर साल शिक्षक दिवस मनाते हैं | इस दिन हम भारत के दूसरे राष्ट्रपति और महान शिक्षक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती मनाते हैं | उनका जन्मदिवस भारत में ' शिक्षक दिवस ' के रूप में मनाया जाता हैं |

दोस्तो, हमारे जीवन में शिक्षकों का महत्व बहुत ही महत्वपूर्ण हैं | एक शिक्षक ही ऐसी व्यक्ती हैं जो छात्रो के जीवन को सही दिशा देने का काम करते हैं | शिक्षक एक ऐसी व्यक्ती जो छात्रो को अज्ञान की अंधेरे से ज्ञान की उजाले में लाने का काम करती हैं | वें न केवळ पढाते हैं बल्की शिक्षा के साथ जीवन किसप्रकार जिये? इसका ज्ञान भी देते हैं | देश का भविष्य निर्माण करनेवाले इन्सान शिक्षक ही होते हैं | उनके बिना हम आनंदी जीवन की कल्पना नही कर सकते | उनके बिना हमारा ज्ञान अधूरा हैं |

मैं बस इतना ही कहूँगा की अगर जीवन में एक अच्छा व्यक्ती बनना हैं तो हमे शिक्षको का सम्मान और उनकी आज्ञा का पालन करना बहुत जरुरी हैं |

मुझे यहाँ बोलने का अवसर देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद... 

Wednesday, September 30, 2020

महात्मा गांधी जयंतीपर भाषण//गांधी जयंतीपर जबरदस्त भाषण | Speech on Mahatma Gandhi in hindi | Gandhi Jayanti speech in hindi

हॅलो दोस्तों, आज के इस ब्लॉगपर हम महात्मा गांधीजीपर एक सुंदर भाषण देखनेवाले हैं।

महात्मा गांधी /गांधी जयंती पर भाषण

आदरणीय प्रधानाचार्य, सभी शिक्षकगण और मेरे प्यारे सहपाठियों आप सभी को सादर प्रणाम। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि आज हम यहां महात्मा गांधी जयंती को मनाने के लिए यहां उपस्थित हैं। आज के इस पावन अवसर पर मैं महात्मा गांधीजी के बारे में चंद शब्द कहना चाहूंगा।

महात्मा गांधीजी एक ऐसे स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने अपना सारा जीवन देश की सेवा के लिए समर्पित कर दिया था। आज हम उनकी 151 वीं जयंती मना रहे हैं। उनका जन्म 2 अक्तूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर शहर में हिंदू परिवार में हुआ था। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। उनकी माताजी का नाम पुतलीबाई था। गांधीजी के पिताजी पोरबंदर,राजकोट के दिवाण थे। सन 1883 में,13 साल की आयु में गांधीजी का विवाह कस्तुरबा माखनजी के साथ हुआ था।

महात्मा गांधीजी ने अपनी प्राथमिक शिक्षा पोरबंदर और माध्यमिक शिक्षा राजकोट में पूरी की थी।उसके बाद वे कानून की पढ़ाई करने और बैरिस्टर बनने के लिए इंग्लैंड चले गये। युनिव्हर्सिटी कॉलेज लंदन में उन्होंंने कानून की पढाई की और बैरिस्टर बन गये।

गांधीजी को अपने जीवन में कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ा था। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनका बहुत महत्वपूर्ण योगदान हैं। देश की स्वतंत्रता के लिए उन्होंंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ अथक संघर्ष किया,कई सत्याग्रह आंदोलन किए,कई बार उन्हे जेल में डाला गया लेकिन उन्होने हार नहीं मानी थी। गांधीजी लड़ते रहे और उनके अथक संघर्ष और हजारों वीर सपूतों के बलिदान के कारण हमारा भारत 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से आजाद हुआ।

ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानी का 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली में निधन हो गया। नथुराम गोडसे ने गांधीजी की हत्या की थी।

मुझे यहां बोलने का अवसर दिया इसके लिए आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद...

जय हिंद...जय भारत...वंदे मातरम...महात्मा गांधी की जय...
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Tuesday, September 8, 2020

हिंदी,मराठी और अंग्रेजी भाषा में निबंध/भाषण पत्रलेखन

सूचना :- सभी विद्यार्थीयों से निवेदन हैं की यहाँ दिए गए निबंध,भाषण,कविता और पत्रलेखन को पढे़,समझें और अपने शब्दों में लिखने का प्रयास करें।

■धन्यवाद...

शिक्षक दिवस पर भाषण

आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय,सभी शिक्षकगण और मेरे प्यारे दोस्तो, सबसे पहले आप सभी को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं | मेरा नाम हैं (--------...